अंजोर। नट समुदाय के इस शब्द के सामने हिंदी में सूर्यप्रकाश और अंग्रेजी में sunshine लिखा मिलता है। पास का स्पीकर बटन दबाने पर उच्चारण की छोटी रिकॉर्डिंग बजती है। भोपाल की जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी के ऑनलाइन कोश में बोली को पढ़ने के साथ सुनने की यह सुविधा मौजूद है।

नट वाला पन्ना खोलकर शब्द टाइप किया जा सकता है या देवनागरी का अक्षर चुना जा सकता है। किसी प्रविष्टि पर क्लिक करने से अर्थ और उच्चारण का विवरण खुलता है। 15 सितंबर को ‘अंजोर’ की प्रविष्टि और उसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग खोलकर जांची गई।

दो क्षेत्रों की बोली अलग-अलग

वेबसाइट के पहले चरण, वर्ष 2025, में बंजारा, बेड़िया, कुचबंधिया, गाडुलिया लोहार और पारधी समुदाय दर्ज हैं। 2026 के दूसरे चरण में कलंदर, नट, कंजर, बांछड़ा और कालबेलिया शामिल हैं। कालबेलिया के लिए छिंदवाड़ा के हर्रई और सिंगापुरा-ग्वालियर क्षेत्र के अलग विकल्प मिलते हैं।

अकादमी के परिचय के अनुसार समुदाय के वक्ताओं से शब्दों की डिजिटल रिकॉर्डिंग ली गई। उच्चारण को अंतरराष्ट्रीय ध्वन्यात्मक वर्णमाला, यानी IPA, में दर्ज करके शब्दकोश निर्माण के सॉफ्टवेयर में संजोया गया है।

नट कोश की सहयोग सूची में भोपाल के कजलीखेड़ा और भिंड के वक्ताओं के नाम भी हैं। इससे पाठक शब्द का अर्थ देखने के साथ यह जान सकता है कि उसके संकलन में किन लोगों का योगदान रहा।

स्रोत और संदर्भ

  1. जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, भोपाल · घुमन्तू समुदाय भाषा शब्दकोश ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
  2. जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, भोपाल · नट शब्दकोश: प्रविष्टियां, परिचय और उच्चारण ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।