भारत के पृथ्वी अवलोकन कार्यक्रम में एक नई क्षमता जुड़ी है। 4 सितंबर को श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने वाले GSLV-F17 ने EOS-05 को निर्धारित कक्षा में पहुंचाया। ISRO ने अपने मिशन पेज पर प्रक्षेपण सफल होने की पुष्टि की है।

EOS-05 को ISRO ने भू-समकालिक कक्षा से इमेजिंग करने वाला भारत का पहला उपग्रह बताया है। इसका काम पृथ्वी का अवलोकन है। मिशन में रॉकेट ने इसे Sub-Geosynchronous Transfer Orbit यानी Sub-GTO में छोड़ा।

ट्रांसफर कक्षा में पहुंचना पहला पड़ाव

प्रक्षेपण की सफलता और उपग्रह की अंतिम कक्षा में नियमित सेवाएं शुरू होने की सूचना अलग-अलग बातें हैं। उपलब्ध मिशन जानकारी ट्रांसफर कक्षा तक सफल पहुंच की पुष्टि करती है। इससे आगे संचालन शुरू होने की तारीख इस पेज पर नहीं दी गई है।

मिशन ब्रोशर के अनुसार, GSLV-F17 तीन चरणों वाला, 51.7 मीटर ऊंचा रॉकेट है। उड़ान के समय इसका कुल द्रव्यमान 420.5 टन था। उपग्रह सहित पेलोड का द्रव्यमान लगभग 2,367 किलोग्राम दर्ज है।

यह GSLV की 19वीं उड़ान थी। प्रक्षेपण के लिए सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड का इस्तेमाल किया गया। ISRO की गैलरी में रॉकेट की असेंबली और प्रक्षेपण से पहले की तैयारी के चित्र भी उपलब्ध हैं।

स्रोत और संदर्भ

  1. ISRO · GSLV-F17/EOS-05 Mission — successful mission update ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
  2. ISRO · Timeline — GSLV-F17 / EOS-05, 4 September 2026 ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
  3. ISRO · GSLV-F17 / EOS-05 Mission brochure ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
  4. PIB / प्रधानमंत्री कार्यालय · Prime Minister lauds ISRO for successful launch of GSLV-F17 carrying EOS-05 ↗4 सितंबर 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।